लकड़ी के कीड़े पूरी कुर्सी खा जाते हैं... और कुर्सी के कीड़े पूरा देश....!!

मेरे लिए इतिहास केवल हमारे मिलन की बेला रही , और गणित तुम्हारा मुझ से रूठने मनाने का फलसफा , भूगोल की कक्षा मे मैंने केवल तुम्हारी मुझ से दूरी को ही नापा , मैंने तुम्हारे प्रेम मे अपने वाक्यों का पूर्णविराम कभी नही खोजा :) मेरे हर सवाल...

सुनो,, तुम कबूल तो करो इश्क मेरा,, मैं खाना बनाना भी सीख लूंगी।।

तर्क किये बिना किसी भी बात को आँख मूंदकर मान लेना भी एक प्रकार की गुलामी है भगत सिंह

अज्ञानी व्यक्ति एक बैल के समान है, वह ज्ञान में नहीं बल्कि आकार में बढ़ता है गौतम बुद्ध

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