" वेदनाएं " कभी मृत्यु का रास्ता दिखाती है,, तो कभी "लेखक" के जन्म का।

जिसमें प्रेम हो वह हर रिश्ता एक बंधन है, वरना यूं ही नहीं राधे के साथ देवकी नंदन है।

दूसरो को वीरान करने वाले, कभी आबाद नही हुआ करते...

मनुष्य अधिक चतुर बनकर अपने को अभागा बना लेता है। जयशंकर प्रसाद

उम्मीद पर ज़ीना , जीने की आखिरी उम्मीद है..!!

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