पूर्ण है श्रीकृष्ण, परिपूर्ण है श्रीराधे, आदि है श्रीकृष्ण, अनंत है श्रीराधे ।

कायरता कि लेप चढ़ाकर, अपनी मर्दानगी खत्म करते हैं, औरत अगर उड़ने के ख्वाब देखे, तो उसपर ज़ुल्म करते हैं..!!

दोनों ही पक्ष आए हैं तैयारियों के साथ हम गर्दनों के साथ हैं वो आरियों के साथ

जिंदगी भर डर डर के रिश्तों को, निभाने से बेहतर है अलग हो जाना...

नफ़रत के खेल में बस ख़ून है, मुहब्बत करो, इसमें सुकून है।

Translate »