जिसकी आंखों से आंसू की उम्मीद कर रहे थे कमबख्त उसकी आंखों में शर्म भी नहीं दिखी।

रोने वालों से कहो उनका भी रोना रोएं , जिनको मजबूर हालात ने रोने ना दिया ।।

सुलझ भी सकता है झगड़ा उसे कहो कि अभी , जुदाई के किसी कागज़ पर दस्तखत ना करें ।।

कुछ भी तो नहीं बदला है यार इतने सालों मे, वो हसीन थी वो हसीन है वो हसीन ही रहेगी..❤️🌻

बर्बाद-ए-तमन्ना पे इताब और ज़ियादा हाँ मेरी मोहब्बत का जवाब और ज़ियादा

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