काटकर गैरों की टाँगें ख़ुद लगा लेते हैं लोग इस शहर में इस कदर भी कद बढ़ा लेते हैं लोग....!!

यदि मंज़िल न मिले तो रास्ते रोक लो… क्योंकि 💓 अपनी सट्रेजी बदलते हैं कूडी नहीं...

बिछी थीं हर तरफ़ आँखें ही आँखें कोई आँसू गिरा था याद होगा

सुनो दोस्तों पैसा इतना कमाओ की, चार लोग तुम्हे अपना दामाद बनाना चाहे...

यदि मंज़िल न मिले तो रास्ते बदलो, क्योंकि वृक्ष अपनी पत्तियाँ बदलते हैं जड़े नहीं...

Translate »