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Jul

अरे झूठ ही सही लेकिन काश कभी,
मैं तेरे ख्वाबों का वहम बन जाऊं,
तू इज़हार तो कर अपनी मोहब्बत का,
मैं तेरे मरीज-ए-इश्क का मरहम बन जाऊं..!!

विरक्ति 

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