7
Jul
हम भी सीखेंग अदा अब तो रूठ जाने की,
उनको आदत है बहुत हमको भूल जाने की,
लो हो गयी न तसल्ली जो दिल ये टूटा है,
क्या ज़ुरुरत थी मुहब्बत को आज़माने की
Jul
हम भी सीखेंग अदा अब तो रूठ जाने की,
उनको आदत है बहुत हमको भूल जाने की,
लो हो गयी न तसल्ली जो दिल ये टूटा है,
क्या ज़ुरुरत थी मुहब्बत को आज़माने की