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Jul

हम भी सीखेंग अदा अब तो रूठ जाने की,
उनको आदत है बहुत हमको भूल जाने की,
लो हो गयी न तसल्ली जो दिल ये टूटा है,
क्या ज़ुरुरत थी मुहब्बत को आज़माने की

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