21
Jun
ए सुनो ना….
मेरी सांसों को तुम्हारी सांसों की गहराई नापने दो आज…
रात भर तुम्हें निहारना चाहता हूं…
तो तुम मेरी बाहों में लिपट कर सो जाओ…
मगर मुझे जागने दो आज
Jun
ए सुनो ना….
मेरी सांसों को तुम्हारी सांसों की गहराई नापने दो आज…
रात भर तुम्हें निहारना चाहता हूं…
तो तुम मेरी बाहों में लिपट कर सो जाओ…
मगर मुझे जागने दो आज