21

Apr

इतवार की सुबह
इत्मीनान वाला
सुकून चाहती हूं
कोई हो जग जाए
मुझसे पहले मेरे लिए
ताकि सो सकूँ और
मेरी चिंता कर पाए।
कहे सबसे धीरे से
सोने दो उसे ज़रा
थकी हुई सी आज
उसे आराम जी भर
तसल्ली से करने दो
सोती रहूँ बेफिक्र से
करे मेरी फ़िक़्र ज़रा
कहे सब सम्भाल लेगा
निश्चिंत रहो मैं हूँ न!

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