20
Apr
प्रेम से विरह उत्पन होता है।
विरह से दर्द होता है।
दर्द से तड़प, तड़प से प्राथना होती है।
प्राथना से भक्ति,भक्ति से ध्यान लगता है।
ध्यान से परमात्मा,
परमात्मा से संतुष्टि मिलती है।
संतुष्टि से चैन और चैन से प्रेम मिलता है।
Apr
प्रेम से विरह उत्पन होता है।
विरह से दर्द होता है।
दर्द से तड़प, तड़प से प्राथना होती है।
प्राथना से भक्ति,भक्ति से ध्यान लगता है।
ध्यान से परमात्मा,
परमात्मा से संतुष्टि मिलती है।
संतुष्टि से चैन और चैन से प्रेम मिलता है।