16
Apr
गलती हो या के न हो गर्दन झुका के देखो
खामोश रह के अपना रिश्ता बचा के देखो
अल्फाज़ खार भी हैं, तलवार भी, जखम भी
अपनी ज़ुबान को पर मरहम बना के देखो
Apr
गलती हो या के न हो गर्दन झुका के देखो
खामोश रह के अपना रिश्ता बचा के देखो
अल्फाज़ खार भी हैं, तलवार भी, जखम भी
अपनी ज़ुबान को पर मरहम बना के देखो