17
Nov
आंखों में स्वार्थ की पट्टी बंधी हुई है, रिश्ते अब गोरख धंधा हैं, ईर्ष्या को मनुष्य गले लगाकर, केवल दौलत के पीछे अंधा है..!!
Nov
आंखों में स्वार्थ की पट्टी बंधी हुई है, रिश्ते अब गोरख धंधा हैं, ईर्ष्या को मनुष्य गले लगाकर, केवल दौलत के पीछे अंधा है..!!