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आज शाम सजेगी वो दुल्हन सी, उसका साजन आज फिर से छत पर आएगा.... अपने हाथों से पिलाकर पानी, वो आज फिर मेरी मोहब्बत को गले लगाएगा..!!
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आज शाम सजेगी वो दुल्हन सी, उसका साजन आज फिर से छत पर आएगा.... अपने हाथों से पिलाकर पानी, वो आज फिर मेरी मोहब्बत को गले लगाएगा..!!