13

Oct

न्यूज़ देख रहा था 
ना मुझे इजराइल से बैर है
ना फलीस्तीन से मोहब्बत 

दोनो तरफ से मरने वालों की 
संख्या बताई जा रही थी 
जिसमे औरते मर्द मासूम थे

टूटते घर थे
कुछ लाशें थी 
कहीं आग लगी थी 
कहीं रुदन था तो कहीं गोलियों की तड़तड़ाहट 
कहीं बम के धमाके
पता नही क्यों
आंखों में आंसू आगए

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