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Oct
न्यूज़ देख रहा था ना मुझे इजराइल से बैर है ना फलीस्तीन से मोहब्बत दोनो तरफ से मरने वालों की संख्या बताई जा रही थी जिसमे औरते मर्द मासूम थे टूटते घर थे कुछ लाशें थी कहीं आग लगी थी कहीं रुदन था तो कहीं गोलियों की तड़तड़ाहट कहीं बम के धमाके पता नही क्यों आंखों में आंसू आगए


