22
Aug
अजीब सी मोहब्बत मेरे हिस्से आयी है ,,,, ना दुवा है ना सलाम है पता नही महबूबा मेरी किस से लड़ कर आई है,,,,, यूँ तो सबसे करती है हंस हंस कर गल्ला बस मुझसे ही अकड़ कर मुह को फुलाई है
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अजीब सी मोहब्बत मेरे हिस्से आयी है ,,,, ना दुवा है ना सलाम है पता नही महबूबा मेरी किस से लड़ कर आई है,,,,, यूँ तो सबसे करती है हंस हंस कर गल्ला बस मुझसे ही अकड़ कर मुह को फुलाई है