12

Jul

“मनुष्य दूसरों की दृष्टि में कभी पूर्ण नहीं हो सकता,
पर उसे अपनी आँखों से तो नहीं ही गिरना चाहिए.! ”

जयशंकर प्रसाद

Share this post


RELATED

Posts

Translate »