7

Jul

सच में अक्सर ऐसा होता
जब भी मेरे मन 
और संघर्ष के बीच युद्ध होता है 
सोचते अब लड़ के खड़ा हुए की
फिर लड़खड़ा के गिर ही जाते हैं
शायद यही असल ज़िंदगी का
यथार्थ मतलब है।

नेहा यादव

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