6

Jul

निगाहें आज भी उनकी याद में बेचैन रहती हैं,
ये दिल उदास रहता है जुबां खामोश रहती हैं,

जब मयस्सर दीदार उनका ख्वाब में होता है,
तब नींदें हराम होती हैं आंखें रो पड़ती हैं..!!

विरक्ति

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