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Jul

मैं कितनी भी कोशिश कर लू
अपनी शायरी में प्यार के रंग नहीं उड़ेल पाती

मेरेशब्दोंमें अक्सर जिक्र होता है

रुसवाई, बेवफाई,बेरुखी,बेचैनी,आँसू
क्योंकि आज तक
मुझे तुमसे यही सब मिला है
इश्क क्या होता है?
कभी जान ही नहीं पाई
जो तुमसे आजतक नही मिला
शायद वही इश्क था

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