25

Jun

फिक्र से चेहरे कि चमक मिटा लेती है,
गंदी नियत लबों से उसके मुस्कान हटा लेती है,

पीड़ा भी झलकती है उसकी आंखों में,
लेकिन खुद को वो निःशब्द बना लेती है,

और अपनी औकात से ज्यादा सहती है वो,
अपमानित हो चरित्र तो खुद को सूली भी चढ़ा लेती है..!!

Share this post


RELATED

Posts

Translate »