27

Jul

कैसे थे और 
कैसे हो गये हैं हम ?

खुद को ढूँढते ढूँढते
खुद में ही खो गये हैं हम ..

ना जाने क्या लिखा हैं 
किस्मत की लकीरों में ?

धड़कनों से जिंदा हैं 
पर दिल से सो गये हैं हम ..

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