22

Jun

हर लम्हा सांसें बुड्ढी हो रही है

जिंदगी मौत के साये में हैं फिर भी जिद्दी हो रही है

बेवफा को बेख़बर रखना मेरी मौत की खबर से

जमाने के लिए आंसू हैं वो अंदर हस रही है!!

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