22

Jun

गुरु के आशीर्वाद से शोभा नगर कि बढ़ाई थी

फुलवाड़ी मे भ्रमण करते झलक सिया कि पायी थी

मोहित हो गये राम तभी जब दिखी बाग मे जानकी

प्रत्यंचा चढ़ाई हासिल की सीता ये बात थी सम्मान की

राम जैसा धैर्य सीता सी पवित्रता कौन रख पाएगा

आशिक तो कोई बन जाएगा पर "सियाराम" न बन पाएगा.!

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