17
Apr
जितना ज्यादा तुम उसे बाहर ढूंढते हो,
उतना ज्यादा ही वो तुम्हारे अंदर होता हैं
पढ़ लो चाहे दुनियां का कोई भी ग्रंथ,
इश्क़ और ईश्वर हमेशा ऐसे ही तो मिलता हैं!
Apr
जितना ज्यादा तुम उसे बाहर ढूंढते हो,
उतना ज्यादा ही वो तुम्हारे अंदर होता हैं
पढ़ लो चाहे दुनियां का कोई भी ग्रंथ,
इश्क़ और ईश्वर हमेशा ऐसे ही तो मिलता हैं!