7

Mar

भिड़ते,टकराते,छील के निकलते हैं रिश्ते,
कितने चौराहों से गुजरते है रिश्ते,

ज़ख्म जिस्मो पर नजर आते है सारे,
कहने को रूह से उतरते है रिश्ते ..

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