22

Feb

क्या  तुम..
नही मिलोगी 
यह पूछतीं हैं मुझसे
बेचैन सांसें 
मैं बस टकटकी लगाकर
सुनसान सड़क के
उस मोड़ को देखता रहता हूं 
जहां से तुम ओझल हो गई थी 
इस आस में..
कभी तो समय की ये बेरहम धुंध छटेगी
और तुम.. 
लौट आओगी 

Share this post


RELATED

Posts

Translate »