12

Feb

नज़रों से गुनगुना कर 
कोई धुन तराशते हैं

जो अनजाने चेहरों में 
खुशियाँ तलाशते हैं

अपनों में तो बस जिन्हें 
ऐब ही दिखते हैं

वो गैरों की खातिर 
बेकीमत बिकते हैं....

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