1
Sep
तुझे अल्फाजों में लिखते-लिखते यूँ ही ज़िंदगी की शाम हो जाये, बस रहे तू ही आबाद मेरे लफ्ज़ो में, चाहे ये जिंदगी नीलाम हो जाये...!!
Sep
तुझे अल्फाजों में लिखते-लिखते यूँ ही ज़िंदगी की शाम हो जाये, बस रहे तू ही आबाद मेरे लफ्ज़ो में, चाहे ये जिंदगी नीलाम हो जाये...!!