12

Jul

ख़ुशी बिकती नहीं बाज़ार में
देख तेरे ही भीतर तो छुपी है
ज़रा सा हंस ज़रा सा मुस्कुरा
देख ज़िंदगी कितनी हसीं है

Share this post


RELATED

Posts

Translate »