ज़िंदगी शायद इसी का नाम है..दूरियाँ मजबूरियाँ तन्हाइयाँ….!!

अधूरे प्रेम का बोझ लिए जीनाअनायास आयी मृत्यु के दुख से ज्यादा दुखदायी होता है

तेरी एक चाय ने खरीद लिया हमें,बड़ा गुरूर था हमे की हम बिकते नहीं...

अचेतन मन में कोई न कोई ऐसी ग्रन्थि होती है, जो चैन से कहीं भी बैठने नहीं देती...

मैं रिश्ते में आपकी जो भी हूँ, जागीर मत समझिए !

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