बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।

कितना अजीब है कि एक जीवन मिला है जो समझ ही बहुत देर में आता है।

राजनीति में, साहित्य में, कला में, धर्म में, शिक्षा में। अंधे बैठे हैं और आँखवाले उन्हें ढो रहे हैं।

मैंने अपनी पीड़ा किसी को नहीं बताई, क्योंकि मेरा मानना है कि व्यक्ति में इतनी ताकत हमेशा होनी चाहिए कि अपने दुख, अपने संघर्षों से अकेले जूझ सके

सत्य के बाद मनुष्य निर्भय हो जाता है, और झूठ के बाद कायर। जया अंजनी

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