मैंने अपनी पीड़ा किसी को नहीं बताई, क्योंकि मेरा मानना है कि व्यक्ति में इतनी ताकत हमेशा होनी चाहिए कि अपने दुख, अपने संघर्षों से अकेले जूझ सके

अगर आज भी लगता हैं आपको की गलती मेरी थी,तोमैं माफ़ी मांगने के लिए तैयार हू,बस आपको साबित करना हैं।

मुझसे मेरे मिजाज़ का आलम न पूछिये , क़ातिल को ख़ुद दिया है हमने कलेजा निकाल के ..!!

समय हमें कुछ भीअपने साथ ले जाने कीअनुमति नहीं देता। – कुँवर नारायण

एक मनपसन्द शख्स की कमीदुनिया के सारे लोग मिल के भी पूरी नहीं कर सकते...

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