जहाँ पहुँच के क़दम डगमगाए हैं सब केउसी मक़ाम से अब अपना रास्ता होगा

खूबसूरत तो औरतें होती हैंहम मर्द तोसिर्फ अमीर या गरीब होते हैं

नाराजगी चाहे कितनी भी क्यों ना हो,पर तुझे छोड़ देने का ख्याल हम आज भी नहीं रखते

दुनिया की कोई परेशानी,आपके साहस से बड़ी नही हैं…

दर्द हल्का है साँस भारी हैजिए जाने का कैसा रस्म जारी है

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