चेहरे कि सिलवटें बनने तक मयस्सर हो तेरा साथ,टूट रहीं हों जब मेरी सांसें सीने पर लगा हो तेरा हांथ..!!

. इश्क़ का ये पहला सबक होता हैइश्क़ में हुक्म नही हक़ होता है !

सबका ख़ुशी से फासला एक कदम हैं ,हर घर में बस एक ही कमरा कम हैं .. ~ जावेद अख्तर

बात नहीं हुई सुबह, सुबह नहीं हुई सुबह से सीधा दोपहर हो गई….

समाज को इतना भी सभ्य नही होना चाहिए,कि प्रेम करता हुआ कबूतरों का जोड़ा लोगों को असभ्य लगे

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