बुरा लगता है ना,,,जब कोई अपनागैर बन जाता है ,,, दर्द होता है ना,,जब कोई सालोंका रिश्ता पल भरतोड़ देता है ना ,,,, अच्छा नहीलगता है ना,,,, जब कोई जानकारअजनबी बनजाता है ना,,,,,

खाली होना भी एक दुख हैजैसे जेब का खाली होंना,मन का खाली होंना,दिन का खाली होंना,जीवन का खाली होंना,किसी किताब के पन्ने का खाली होनाहालांकि सब अलग अलग रूप से असर करते हैं

एक कतरा ही सही मुझे ऐसा तरीफ़ तो दे किसी को प्यासा जो देखूँ तो दरिया हो जाऊँ….💫🎻

कैसे जुदा कर दे उसे अपने आप से,उसके नाम का एक अक्षर मेरे नाम में भी आता है !

एक बार बार मन में आने वाला सवाल:- राजनीति सेवा है या नौकरी !यदि सेवा है तो वेतन व पेंशन क्यों?औरयदि नौकरी है तोयोग्यता व परीक्षा क्यों नहीं ?

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