कबीर और प्रीति वाला प्यार नही हमें तो ,तुमसे राधा कृष्ण वाला प्यार हुआ है…!!

"कैसे मुहब्बत करू बहुत गरीब हूं, लोग बिकते हैं और मे खरीद ही नहीं पाता !!

पैसा इंसान के असली रूप को बाहर लता है.

पैसे वालों की चमचागिरी करती है दुनिया, गरीब और मजदूर की सुनता कौन है।

बारात में #नोटों की गड्डी उड़ाने वाले #लोग #पूजा की #आरती के लिए खुल्ले #पैसे ढूंढते हैं अभी हमे बहुत बदलना है

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