मेरी ज़िन्दगी में तेरा साथ कुछ इस तरह से हो,ताउम्र छेड़े तू अपनी अटखेलियों से और हया मेरे चेहरे पर हो..!!

'आज का प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति प्रेम का भूखा है।' ~ मुक्तिबोध

सुख को तब तक महसूस नहीं कर सकते,जब तक दुख का अनुभव नहीं होता…

प्रेम तो आज भी उसी रुप उसी मिठास में है बस उसे निभाने वाला मनुष्य ही अधिक समझदार हो गया है। ~ राजेश गौरी

ये मेरा इश्क औरों जैसा नहीं…अकेले रहेगें पर तेरे ही रहेगें…!!

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