वैसा ही खराब शख्स हुँ मैं भी, जैसा कोई छोड़ कर गया था....!!

क्या फायदा तुम्हारे लाल होठों का जब तुम्हे चुम्मी की जगह गाली ही देनी है...

स्त्री का सम्मान ही पुरुष की मर्दानगी हैं,और पुरुष के सम्मान में ही स्त्री की सुंदरता हैं…

ए इश्क़ मुझे अब और जख्म चाहिए, मेरी शायरी में अब वो बात नही….!!

ये संवाली रंगत सादा हुलिया उदास आंखें हम से जो कोई दिल लगाए तो क्यों लगाए!!

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