मुझे पसंद है अपने आप से खुश होना , मुझे डर लगता है तारीफ करने वालों से ..!!

तबियत की बात है जनाब , वर्ना जबाब ऐसे दूं कि सवाल ही पैदा ना हो ।।

मयखाने की इज्ज़त का सवाल था हुज़ूर , सामने से गुजरे तो थोड़ा सा लड़खड़ा दिए

बचपन कि छोटी खुशियां थी, मस्ती, हंसी ठिठौली थी, मिलता अब वो आह्लाद नहीं जो देती आंख मिचौली थी..!!

कैसे करूं खुद को तेरे काबिल ए - जिंदगी, मैं जब आदतें बदलता तू सर्ते बदल देती हैं।।

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