मेरे किरदार पर ऊँगली मत उठा... मै अपना पहचान बता दूँगा तो... तुम मुझसे जान-पहचान बढ़ाने लगोगे...

कितने शिकवे हैं ज़िंदगी के साथ, फिर भी मरने को दिल किसी का नहीं करता !

सोने से पहले इक काम तुम कर देना. तक़लीफ देते हैं ख़्वाब आने से पहले जगा देना. ~ मालती

चलो अच्छा हुआ कि एक न हो पाये हम, एक हो कर भी कभी तुम कहाँ मेरे होते ~अर्चना अनिरुद्ध

गरीब भूख से मर रहे हैं...अमीर शौक से मर रहे हैं !

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