मोहब्बत आसान होता तो तुम भी करते,
जीना पड़ता है इसमें ,मरते-मरते.
तजुर्बा उम्र नहीं मुर्शदतजुर्बा हालात सिखाते हैं
रोज़ अच्छे नही लगते आँसू खास मौको पे मज़ा देते है..!!
हाय वो जिम्हें देखा भी नही याद आये तो रुला देते है..!!
आग अपने ही लगाते हैगैर तो सिर्फ हवा देते है…!!
आज शाम है बहुत उदासकेवल मैं हूँ अपने पास।
~ भगवतीचरण वर्मा