मरम्मतें करके रोज थक जाता हूँ मैं,रोज मेरे अंदर नया नुक्स निकल आता है।

“छत टपकती हैं उसके कच्चे मकान की….फिर भी बारिश हो जाये तमन्ना हैं किसान की”

इतिहास गवाह हैं, जब भी फ़ोन पर कॉल आता हैं,पास बैठा व्यक्ति पूछ ही लेता हैं,किसका फोन था?

यदि आपके विचार सही, लक्ष्य ईमानदार और प्रयास संवैधानिक हों तो मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपकी सफलता निश्चित है।  बाल गंगाधर तिलक

हमारी सादगी ही गुमनाम रखती है हमें,जरा सा बिगड़ जाएं तो मशहूर हो जाएं।

Translate »