कुछ घंटो की नींद एक वक्त की चाय इसके अलावा घर से, क्या लेता हूँ मै, उसका नाम ऐसे दोबारा मत लेना ये वन्दूक रखी है, और चला लेता हूँ मै.

हर उस आँख में चुभना है मुझे, जिसने मुझे देख कर नजरें फेरी थी कभी…!!

वो महफ़िल में तुझे अजनबी कहे देगीवही जिसका तू मजनू हैं!!

हुक़ूमत से सिफारिश की तमन्ना हम नही ऱखते..!!!हमे मालूम है हमारी हिफाज़त कौन करता है??

किसी के बुरे वक्त पर ना हसो,ये वक्त चेहरे याद रखता है….

Translate »