इश्क़ की इंतिहा ने क़ैस को मजनू बना दियाअपनी जां से गया लेकिन तारीख़ बना गया~आरिफ़

तबियत अपनी घबराती है जब सुनसान रातों मेंतो ऐसे में तेरी यादों की चादर तान लेते हैं ~फ़िराक़ गोरखपुरी

"फूल चुन कर एकत्र करने के लिए मत ठहरो। आगे बढ़े चलो, तुम्हारे पथ में फूल निरंतर खिलते रहेंगे" ~रबीन्द्रनाथ ठाकुर

कुछ लोग आँसू रोकते हैंबेहिसाब रोकते हैइसलिये नहीं कि वे मजबूत होते हैं बल्कि इसलिये किउनके पास कमजोर कंधों का कारवां होता है…!!

हम पूजते है तुम्हें, कृष्ण की मीरा की तरह,हर मर्द के अंदर एक औरत का दिल होता है.

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