कभी खामोश…कभी गमगीन,कभी सैलाबनजर आती है…ये जिंदगी भी कलाकार हैंशायद हर रोज नया किरदार निभाती है

घमंड में आकर अपना सर ऊंचा ना करें,जीतने वाले भी गोल्ड मेडल झुक कर हासिल करते हैं…

इत्र सी महक उठती हैं ये शामजब हिस्से में आता हैं तुम्हारा नाम..!!

पहले तो मोहब्बत से नफरत थी, यहांअब तो दोस्ती से भी नफरत सी हो गईं.

चाय कड़क होती है,उनके नरम हाथों की .!!

Translate »