सोचती हूँ मेहनत की कलम से.... ज़िंदगी की कहानी फिर से लिखूं...!!
किसी एक को खुश करने के लियेलोग अपने लोगों से दूरी बना लेते हैंऔर एक दिन ऐसा भी आता है, किजिसके लिये पूरी दुनिया से अलग हुयेवो खुद अकेला छोड़कर अलग हो जाता है
तुम्हें पाना मेरी मंजिल नहीं है , तुम्हें सारी उम्र खुश देखना मेरा ख्वाब है...
हल्के इश्क़ में वादे बहुत भारी होते हैं....!!
हमारी भी तमन्ना थी किसी को हमारी याद आती बारिशों में.