आसमां को गुरूर था कि वो सबका मुकाम हैबारिश को मगर जमीं ही रास आई!

फुरसत अगर मिले तो मुझे पढ़ना जरूर... नाकाम जिंदगी की मुकम्मल किताब हूं मैं...!!

वेशक प्यार तुमने किया था हमने तो सिर्फ़ परवाह की थीवेशक मोहब्बत तुमने की थी हमने तो सिर्फ़ मन्नत की थीवेशक इश्क तुमने किया था हमने तो सिर्फ़ इबादत की थीवेशक ख्वाब तुमने दिखाया था हमने तो सिर्फ़ कोशिश की...

एक वक्त था जब जिंदगी जीने का शौक था, एक वक्त ये है सोचते है.... कट जाये तो इतना ही बहुत है..!!

तमीज़ बताती है परवरिश आपकी, आप पढ़े लिखे हैं तो क्या हुआ

Translate »