माँ ' समझदारी' और पिता ' जिम्मेदारी' के सबसे श्रेष्ठ ज्ञाता है।
अचानक आ जाती है मृत्यु की ख़बरअचानक डूब जाता है शहरअचानक ढह जाती हैं इमारतेंअचानक चुभ जाता है कांटाअचानक फैल जाती है आग जंगल में
सारी त्रासदियां अचानक आती हैंनहीं आता कभी कोई सुख अचानकजैसे तुम कभी नहीं आयी।
~गौरव गुप्ता
सबसे बेज़ार हो गया हूं मैं ज़ेहनी बीमार हो गया हूं मैं…!!!
कोई अच्छी ख़बर नहीं मुझमें यानी अख़बार हो गया हूं मैं…!!!
रास्ते ख़ूबसूरत हो तो मंज़िल की परवाह क्यूँ करनादिल में अगर सुकून हो तोबेचैनियों की फ़िक्र क्यूँ करना
ना किया कोई सिंगार फिर भी गम नहीं ,
गरीब बाप की बेटी परी से कम नहीं ।।