तूफानों से आँख मिलाओ सैलाबों पे वार करोमल्लाहों का चक्कर छोड़ो तैर के दरिया पार करो ~ डॉ. राहत इंदौरी

घना जंगल, अंधेरी रात, रास्ते भी सुनसान हैं,कैसे मिले मंज़िल जब खौफनाक हर इंसान हैं..!!

झूट बोल कर कुछ पाने से अच्छा हैं ,सच बोल कर उसे खो दो …

वो आए बज़्म में इतना तो हमने देखा डायरी फिर उसके बाद चिराग़ों में रोशनी न रही

किसी के बारे में ग़लत अनुमान मत लगाया करोक्योंकि आप नहीं जानते उनकी जिंदगी में कितनी उलझने है

Translate »