फीते से क़िरदार को क्या नापे कोई , हकीकत इंसान की हरक़त बता देती है।

हजारो विकल्प होते हुए भी, "किसी एक पर अडिग रहना ही " प्रेम " है।

जिसने अपनी सारी "ख्वाहिशें",त्याग दी थी "बीवी" को पढ़ाने में,आज बीवी कि "तरक्की" ने उसे,"देह" त्यागने का उपहार दिया है..!!

सब लोग कहते हैं ..... " सीता और द्रौपदी के कारण हुई रामायण और महाभारत, किसी ने यह नहीं कहा नारी का सम्मान न करने अंत है रामायण और महाभारत " !!

जब भी कोशिश करता हूं अपनी मौत टालने की, वो किसी ना किसी बहाने सामने आ जाती है..!!

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